Menal Waterfall & Mini Khajuraho- मेनाल कब और कैसे जाएं? पूरी गाइड
मेनाल टूरिज्म गाइड 2026- राजस्थान का 'मिनी खजुराहो' और जादुई वाटरफॉल, जानिए यहाँ कब और कैसे जाएं?
प्रस्तावना (Introduction)
जब भी बात राजस्थान के झरनों और प्राकृतिक खूबसूरती की आती है, तो लोग अक्सर हैरान हो जाते हैं। रेगिस्तान की छवि से अलग, राजस्थान में एक ऐसी जगह भी है जो पहाड़ों का सीना चीरकर बहता पानी, गहरी खाई और 11वीं सदी के प्राचीन मंदिर आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे। हम बात कर रहे हैं मेनाल (Menal) की।
मेनाल का इतिहास और इसे 'मिनी खजुराहो' क्यों कहते हैं?
मेनाल
का नाम प्राचीन काल में 'महानल' (महा-नाल यानी बहुत
बड़ा नाला या जलप्रपात) था। 11वीं शताब्दी में यहाँ चौहान वंश के राजा
पृथ्वीराज चौहान (प्रथम) और उनके वंशजों ने बेहद खूबसूरत शिव मंदिरों का निर्माण
करवाया था।
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| "Shiva temple tourist place Rajasthan" |
यहाँ
के मुख्य शिव मंदिर की बाहरी दीवारों पर पत्थरों को तराशकर देवी-देवताओं, अप्सराओं, संगीतकारों और
कामसूत्र के आसनों की बेहद सुंदर मूर्तियां बनाई गई हैं। वास्तुकला की यह अनूठी
शैली मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध खजुराहो मंदिरों से काफी मिलती-जुलती है, इसी वजह से इसे
राजस्थान का मिनी खजुराहो कहा जाता है।
मेनाल वाटरफॉल-जब प्रकृति बिखेरती है
जादू
Menal waterfall Rajasthan
मंदिर
परिसर के ठीक बगल में लगभग 150 फीट गहरी एक विशाल
प्राकृतिक खाई (Gorge) है। मानसून के दिनों
में,
मेनाल
नदी का पानी एक विशाल झरने के रूप में इस खाई में गिरता है। हरे-भरे पेड़ों और घनी
चट्टानों के बीच से गिरते इस वाटरफॉल का नजारा इतना अद्भुत होता है कि इसे देखकर
लगता ही नहीं कि आप राजस्थान में हैं।
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| "Beautiful Menal waterfall in monsoon season Chittorgarh Bhilwara highway" |
मेनाल कैसे पहुंचें? (How to Reach Menal)
मेनाल, राष्ट्रीय राजमार्ग 27 (NH-27) पर स्थित है। यह
भीलवाड़ा से लगभग 80
किमी
और चित्तौड़गढ़ से करीब 75
किमी
की दूरी पर है।
हवाई मार्ग द्वारा (By Air)- सबसे नजदीकी एयरपोर्ट
उदयपुर
(डबोक एयरपोर्ट) है,
जो
मेनाल से लगभग 160
किमी
दूर है। वहाँ से आप टैक्सी ले सकते हैं।
रेल मार्ग द्वारा (By Train)- सबसे पास के रेलवे
स्टेशन
चित्तौड़गढ़
(Chittorgarh) या
भीलवाड़ा
(Bhilwara) हैं। इन दोनों
स्टेशनों से मेनाल के लिए सीधी बसें और टैक्सियां आसानी से मिल जाती हैं।
सड़क मार्ग द्वारा (By Road)- यदि आप जयपुर, कोटा या उदयपुर से आ
रहे हैं,
तो
आप चित्तौड़गढ़-बूंदी हाईवे पकड़ सकते हैं। सड़क कनेक्टिविटी बेहद शानदार है।
मेनाल कब जाएं? (Best Time to Visit Menal)
मेनाल
जाने का मजा इस बात पर निर्भर करता है कि आप वहाँ क्या देखना चाहते हैं.
मानसून (जुलाई से
सितंबर) - बेस्ट समय- अगर आपको विशाल
वाटरफॉल और चारों तरफ तैरते बादल और हरियाली देखनी है, तो मानसून का समय सबसे
बेहतरीन है। इस दौरान झरना पूरे उफान पर होता है।
सर्दियाँ (अक्टूबर से
मार्च)- अगर आप केवल शांति से इतिहास और प्राचीन
वास्तुकला (Architecture)
को
एक्सप्लोर करना चाहते हैं,
तो
सर्दियों का मौसम सबसे आरामदायक रहता है।
सावधानी नोट- मानसून के दौरान झरने के
आस-पास की चट्टानों पर फिसलन बहुत ज्यादा हो जाती है,
इसलिए रेलिंग के पास जाते समय
बेहद सावधानी बरतें।
मेनाल में क्या-क्या देखें? (Major Attractions)
v महानलेश्वर शिव मंदिर-
यह
मुख्य मंदिर है जहाँ एक विशाल शिवलिंग स्थापित है। इसकी नक्काशी देखने लायक है।
v मठ और छोटा मंदिर-
मुख्य
मंदिर के सामने ही एक दो मंजिला प्राचीन मठ है, जहाँ कभी साधु-संत
तपस्या करते थे।
v रुठी रानी का महल-
झरने
के ठीक दूसरी तरफ पहाड़ी पर एक छोटा महल है, जिसे 'रुठी रानी का महल' कहा जाता है। माना
जाता है कि राजा से नाराज होकर रानी यहाँ रहने आ गई थीं।
"Ruthi Rani Ka Mahal historical place near Menal waterfall"
खाने-पीने और रुकने की व्यवस्था (Where to Stay &
Eat)
मेनाल
एक परफेक्ट 'वन-डे पिकनिक स्पॉट' है। मंदिर और झरने के
पास राजस्थान टूरिज्म (RTDC)
का
एक होटल और कुछ प्राइवेट रिसॉर्ट्स हैं, जहाँ आपको ठहरने और
अच्छे खाने की सुविधा मिल जाएगी। इसके अलावा, आप चित्तौड़गढ़ या
कोटा में रुककर भी यहाँ का डे-ट्रिप प्लान कर सकते हैं।
मेनाल के आस-पास देखने योग्य प्रमुख स्थान (Attractions Near
Menal)
जब
आप मेनाल की यात्रा पर हों,
तो
अपने रूट में इन बेहतरीन जगहों को शामिल करना न भूलें और मेनाल (Menal) की भौगोलिक स्थिति (Location) इतनी शानदार है कि
इसके
80
से
90
किलोमीटर
के दायरे में
राजस्थान
के कुछ सबसे प्रसिद्ध और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मौजूद हैं।
1.
बिजोलिया
के प्राचीन मंदिर (Bijolia
Temples) दूरी-20 किमी
मेनाल
से मात्र 20
किलोमीटर
की दूरी पर स्थित बिजोलिया का इतिहास से बहुत गहरा नाता है। यहाँ चौहान राजाओं के
समय के प्राचीन मंदिर हैं।
क्या
देखें-
यहाँ
का 'हजारेस्वर महादेव
मंदिर'
सबसे
प्रसिद्ध है। इसके पास ही एक प्राचीन बावड़ी और पत्थरों पर उकेरी गई कलाकृतियाँ
हैं जो इतिहास प्रेमियों को बेहद पसंद आती हैं।
2.
चित्तौड़गढ़
किला (Chittorgarh
Fort) दूरी-75 किमी
भारत
का सबसे बड़ा किला और राजपूत शौर्य का प्रतीक चित्तौड़गढ़ किला, मेनाल से केवल डेढ़
घंटे की दूरी पर है।
क्या
देखें-
विजय
स्तंभ,
कीर्ति
स्तंभ,
रानी
पद्मिनी का महल,
कुंभा
महल और यहाँ का प्रसिद्ध 'लाइट एंड साउंड शो'। अगर आप मेनाल जा रहे
हैं,
तो
चित्तौड़गढ़ को अपना बेस कैंप (रुकने का स्थान) बना सकते हैं।
3.
मांडलगढ़
किला (Mandalgarh
Fort) दूरी-35 किमी
भीलवाड़ा
जिले में स्थित यह किला इतिहास के कई युद्धों का गवाह रहा है। यह एक पहाड़ी पर बना
हुआ है और यहाँ से आस-पास का नजारा बहुत खूबसूरत दिखता है।
क्या
देखें-
किले
के भीतर स्थित प्राचीन शिव मंदिर, शीतला माता मंदिर और दो बड़े पानी के तालाब
(सागर और सागरी)। यहाँ पर्यटकों की भीड़ कम होती है, इसलिए आप शांति से घूम
सकते हैं।
4.
बूंदी
का किला और बावड़ियाँ (Bundi) दूरी-90 किमी
मेनाल
से कोटा-बूंदी वाले हाईवे पर आगे बढ़ते हुए आप बूंदी पहुंच सकते हैं। इसे 'बावड़ियों का शहर' कहा जाता है।
क्या
देखें-
तारागढ़
किला,
सुख
महल (जहाँ रुडयार्ड किपलिंग रुके थे) और रानीजी की बावड़ी। बूंदी की नीली गलियाँ
और मिनिएचर पेंटिंग्स दुनिया भर में मशहूर हैं।
5.
भीलवाड़ा
(Bhimlat
Waterfall & City) दूरी-80 किमी
भीलवाड़ा
को राजस्थान की 'टेक्सटाइल सिटी' कहा जाता है। मेनाल के
रास्ते में ही भीलवाड़ा का प्रसिद्ध 'भीमलत वाटरफॉल' भी आता है, जो करीब 150 फीट ऊँचा है और मानसून
में देखने लायक होता है। माना जाता है कि इस जगह का निर्माण भीम ने पैर मारकर किया
था।
निष्कर्ष (Conclusion)
मेनाल
राजस्थान का वह गुप्त पन्ना है जो की अब धीरे-धीरे
पर्यटकों की नजरों में आ रहा है।और पर्यटक काफी पसंद भी करते है।ऐतिहासिक किलों और
महलों से उतर, यहाँ की 150 फीट गहरी खाई से गिरता
जादुई वाटरफॉल और 11वीं सदी के 'मिनी खजुराहो' कहे जाने वाले मंदिर
अध्यात्म और प्रकृति का एक ऐसा अनूठा अनुभव देते हैं जो इतिहास की गहरी समझ और
प्रकृति की गोद में कुछ घंटे बिताने के लिए यह जगह बिल्कुल परफेक्ट है। यदि आप भी
इस वीकेंड या मानसून के मौसम में किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहाँ सुकून हो, इतिहास की गहरी गूंज
हो और फोटोग्राफी के लिए शानदार व्यूज हों, तो बिना देर किए अपनी
गाड़ी की चाबी उठाइए और 'मेनाल' की इस खूबसूरत यात्रा
पर निकल पड़ें!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs-Frequently Asked Questions)
प्रश्न1- मेनाल वाटरफॉल कहाँ
स्थित है?
उत्तर-
मेनाल
वाटरफॉल राजस्थान के चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा जिले की सीमा पर, राष्ट्रीय राजमार्ग 27 (NH-27) पर स्थित है। यह
चित्तौड़गढ़ से लगभग 75
किमी
और भीलवाड़ा से 80
किमी
दूर है।
प्रश्न2- राजस्थान का 'मिनी खजुराहो' किसे कहा जाता है और
क्यों?
उत्तर-
मेनाल
के महानलेश्वर शिव मंदिर को 'राजस्थान का मिनी खजुराहो' कहा जाता है। ऐसा
इसलिए है क्योंकि इस 11वीं सदी के मंदिर की
बाहरी दीवारों पर की गई मूर्तिकला और नक्काशी मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध खजुराहो
मंदिरों से काफी मिलती-जुलती है।
प्रश्न3- मेनाल वाटरफॉल की
ऊँचाई कितनी है?
उत्तर-
मेनाल
वाटरफॉल की ऊँचाई लगभग 150
फीट
है। मानसून के दौरान जब मेनाल नदी का पानी इस ऊँचाई से नीचे गहरी चट्टानी खाई में
गिरता है,
तो
नजारा अद्भुत होता है।
प्रश्न4- मेनाल घूमने जाने का
सबसे अच्छा महीना कौन सा है?
उत्तर-
मेनाल
जाने का सबसे बेस्ट समय जुलाई से सितंबर (मानसून)
का
है। इस दौरान झरना पूरे उफान पर होता है और चारों तरफ हरियाली छा जाती है। अगर आप
सिर्फ मंदिर की वास्तुकला देखना चाहते हैं, तो अक्टूबर से मार्च
के बीच कभी भी जा सकते हैं।
प्रश्न5- क्या मेनाल में रुकने
के लिए होटल या रिसॉर्ट उपलब्ध हैं?
उत्तर-
जी
हाँ,
मेनाल
में राजस्थान टूरिज्म (RTDC)
का
होटल और कुछ निजी रिसॉर्ट्स उपलब्ध हैं। इसके अलावा आप पास के बड़े शहरों जैसे
चित्तौड़गढ़ या भीलवाड़ा में रुककर यहाँ का डे-ट्रिप भी प्लान कर सकते हैं।
प्रश्न6- क्या मेनाल बच्चों और
परिवार के साथ जाने के लिए सुरक्षित है?
उत्तर-
मेनाल
परिवार के साथ पिकनिक मनाने के लिए एक बेहतरीन जगह है। हालांकि, मानसून के समय झरने के
पास की चट्टानों पर पैर फिसलने का डर रहता है, इसलिए बच्चों का विशेष
ध्यान रखें और रेलिंग से आगे न जाएं।
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यदि
आपका मेनाल यात्रा से जुड़ा कोई भी सवाल है (जैसे की- रुकने की जगह, बजट या सही रास्ता), तो नीचे कमेंट बॉक्स
में पूछें। हमारी टीम और अन्य ट्रैवलर्स आपके सवाल का जवाब देने में खुशी महसूस
करेंगे!
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