राजस्थान का 'मिनी केरल' है यह शहर, जहाँ हैं 100 द्वीप और माही बांध का जादू!यहाँ घूमने की सबसे अच्छी जगहें, मंदिर और मानसून नजारों के बारे में पूरी जानकारी।
बांसवाड़ा राजस्थान का 'मिनी केरल' जहाँ बसते हैं 100 द्वीप | Banswara Tourism 2026
जब हम राजस्थान का नाम लेते हैं, तो आँखों के सामने रेतीले धोरों की तस्वीर दिखाई देती है। लेकिन राजस्थान के दक्षिण में एक ऐसा स्थान भी है जिसे देखकर आपको केरल या पश्चिमी घाट की याद आ जाएगी। हम बात कर रहे हैं बांसवाड़ा (Banswara) की, जिसे 'सौ द्वीपों का शहर' (City of 100 Islands) कहा जाता है।जो अपनी खूबसूरती लिय जाना जाता हैं।
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| बांसवार |
100 द्वीपों का शहर- प्रकृति
का अनूठा उपहार
बांसवाड़ा
का नाम यहाँ पाए जाने वाले 'बांस' (Bamboo) के जंगलों के कारण इस बांसवाड़ा कहाँ जाता
हैं।
माही नदी के प्रवाह के कारण यहाँ छोटे-बड़े अनगिनत द्वीप (Islands) बन गए हैं, जो इसे पूरे उत्तर
भारत में एक विशिष्ट पहचान देते हैं।
बांसवाड़ा पहुँचने के मुख्य साधन (General Travel Guide)
हवाई मार्ग (By Air)- सबसे नजदीकी हवाई
अड्डा
उदयपुर
(महाराणा प्रताप हवाई अड्डा) है, जो लगभग 160 किमी दूर है। वहाँ से
आप बस या टैक्सी ले सकते हैं।
रेल मार्ग (By Train)- बांसवाड़ा का अपना
मुख्य रेलवे स्टेशन अभी निर्माणाधीन है। सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन
रतलाम
(80
किमी)
और
उदयपुर
(160
किमी)
हैं।
रतलाम से बांसवाड़ा के लिए नियमित बसें और टैक्सियाँ उपलब्ध हैं।
सड़क मार्ग (By Road)- बांसवाड़ा सड़क मार्ग
से बहुत अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।उदयपुर से- 3-4 घंटे।,अहमदाबाद से- 4-5 घंटे (लगभग 215 किमी)।,इंदौर से- 4 घंटे (लगभग 190 किमी)।,जयपुर से- 8-9 घंटे (लगभग 500 किमी)।
सिंगपुरा (Singpura) राजस्थान का
स्विट्जरलैंड
यह
एक छोटा सा गांव है जो अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है।यहाँ एक छोटी
झील है और चारों तरफ पहाड़। मानसून में जब बादल पहाड़ों को छूते हैं, तो यह नजारा किसी हिल
स्टेशन जैसा होता है।जो दिखने मे बहुत खूबसूरते लेगता हैं।
माही बजाज सागर बांध (Mahi Bajaj Sagar Dam)
यह बांसवाड़ा का सबसे बड़ा आकर्षण स्थल है। मानसून के दौरान जब इस बांध के 16 गेट खोले जाते हैं, तो वह नजारा किसी झरने से कम नहीं होता। बांध के बैकवाटर में बने छोटे-छोटे टापू इसे एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल जैसा लुक देते हैं।वो नजारा देखने लायक होता हैं।
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| mahi Bajaj sagar dam |
चाचा कोटा (Chacha Kota): असली 'मिनी केरल' का अनुभव
बांसवाड़ा
से लगभग 14-15
किमी
दूर माही बांध के बैकवाटर में एक जगह है जिसे 'चाचा कोटा' कहते हैं।
यहाँ
ऊँची पहाड़ियाँ हैं और उनके नीचे नीला पानी। यहाँ का नजारा हूबहू केरल के मुन्नार
या इडुक्की जैसा लगता है।
"यदि
आप बांसवाड़ा में 'सेल्फी पॉइंट' ढूंढ रहे हैं, तो चाचा कोटा से बेहतर
कुछ नहीं। यहाँ की घुमावदार सड़कें और किनारे बहता पानी आपको मंत्रमुग्ध कर देगा। यहाँ पहुँचने के लिए
सबसे अच्छा तरीका अपनी कार या किराए की टैक्सी है। बांसवाड़ा शहर से 'माही बांध' रोड पर चलते हुए आप
आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं। यहाँ की सड़कें घुमावदार और बहुत सुंदर हैं।
वागड़ की शक्तिपीठ- माँ त्रिपुरा सुंदरी
मंदिर
पर्यटन के साथ-साथ यहाँ आध्यात्मिक शांति भी मिलती है। त्रिपुरा सुंदरी मंदिर न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत के भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। यहाँ की नक्काशी और शांत वातावरण मन को मोह लेता है।और मन को अलग ही शान्ति मिलती हैं।
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| मंदिर |
यह
भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर है जो एक प्राकृतिक गुफा के अंदर है। यहाँ का
रास्ता बहुत रोमांचक है।
"एडवेंचर
के शौकीनों के लिए भोटेश्वर महादेव की यात्रा एक रोमांचक अनुभव हो सकती है, जहाँ प्रकृति और
आध्यात्मिकता का मेल मिलता है। यहाँ जाने के लिए आपको बांसवाड़ा-रतलाम रोड की दिशा
में जाना होगा। मंदिर तक पहुँचने के लिए थोड़ी चढ़ाई या पथरीले रास्ते का सामना
करना पड़ सकता है,
इसलिए
आरामदायक जूते पहनकर जाएँ।
मानसून में 'मिनी केरल' का अनुभव
जुलाई से सितंबर के बीच बांसवाड़ा पूरी
तरह बदल जाता है। यहाँ की हरियाली, धुंध से ढकी अरावली की
पहाड़ियाँ और बहते झरने आपको राजस्थान में होने का अहसास ही नहीं होने देंगे।
कागदी
पिकअप वियर (Kagdi
Pickup Weir)
के
पास का गार्डन और पक्षियों का कलरव पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण है।
वागड़ी भोजन (Food Trail)
बांसवाड़ा
आने पर यहाँ का
'मक्का ढोकला' और
'पानी वाली मक्का की
रोटी' चखना न भूलें। यहाँ का
स्थानीय 'वागड़ी' स्वाद आपको राजस्थान
के बाकी हिस्सों से बिल्कुल अलग लगेगा।यह यहाँ का लोकल कल्कर हैं जिसे वागड़ी भोजन कहते हैं
Mahi Dam Guest House- सरकारी गेस्ट हाउस जो
बांध के बिल्कुल पास है (इसे ऑनलाइन बुक किया जा सकता है)।
Private Resorts- अब माही के किनारे कई
नए इको-फ्रेंडली रिसॉर्ट्स खुल गए हैं जहाँ 'ग्लैम्पिंग' (Glamping) की सुविधा भी है।
बांसवाड़ा के आसपास मुख्य पर्यटन स्थल
v कागदी पिकअप (Kagdi Pickup)- शहर के पास ही स्थित
यह एक सुंदर जलाशय है। यहाँ पक्षियों को देखना और गार्डन में टहलना बहुत सुकून
देता है।
v जगमेर हिल्स (Jagmer Hills)- यदि आप ऊँचाई से शहर
का खूबसूरत नजारा देखना चाहते हैं, तो यहाँ जरूर जाएँ। यह
ट्रेकिंग और शांति के लिए बेहतरीन जगह है।
v समाई माता वॉच टॉवर (Samai Mata Watch
Tower)- यह स्थान चारों तरफ की
हरियाली और पहाड़ियों का 360-डिग्री व्यू प्रदान
करता है। मानसून में यहाँ का नजारा स्वर्ग जैसा होता है।
v सनसेट व्यू पॉइंट (Sunset View Point)- शाम के समय ढलते सूरज
को देखने के लिए यह सबसे अच्छी जगह है। यहाँ से सूर्यास्त का दृश्य बहुत ही मनमोहक
लगता है।
v राजा बसिया भील (Raja Basia Bhil)- यह स्थान बांसवाड़ा के
इतिहास और संस्कृति को दर्शाता है। शहर के बीचों-बीच स्थित यह स्थल भी देखने योग्य
है।
पर्यटन
के लिए क्यों चुनें बांसवाड़ा? (SEO Key Points)
Offbeat Destination- उदयपुर की भीड़भाड़ से
दूर एक शांत जगह।
Budget Friendly- यहाँ रुकना और घूमना
अन्य बड़े शहरों के मुकाबले काफी सस्ता है।
Photography Paradise- अगर आप व्लॉगर या
फोटोग्राफर हैं,
तो
यहाँ के लैंडस्केप्स आपको हैरान कर देंगे।
निष्कर्ष- क्या आपको 2026 में बांसवाड़ा जाना
चाहिए?
राजस्थान
का जिक्र आते ही हमारे जेहन में ऊँट और रेत के धोरों की तस्वीर उभरती है, लेकिन
बांसवाड़ा
(Banswara) इस परिभाषा को पूरी
तरह बदल देता है। 'सौ द्वीपों का शहर' अपनी असीमित हरियाली, शांत माही नदी और
आध्यात्मिक शक्तिपीठों के साथ आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाता है।
यदि
आप शोर-शराबे वाले टूरिस्ट स्पॉट्स से दूर किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहाँ
प्रकृति अपनी गोद में आपको सुकून दे सके, तो
बांसवाड़ा
का मानसून
आपका
इंतजार कर रहा है। तो देर किस बात की? अपना बैग पैक करें और
राजस्थान के इस 'मिनी केरल' को अपनी आँखों से
देखने का अनुभव लें।
प्रो
टिप-अगर
आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो अपने कैमरे में एक्स्ट्रा मेमोरी
कार्ड रखना न भूलें,
क्योंकि
यहाँ का हर कोना एक खूबसूरत फ्रेम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) (Banswara Tourism)
प्रश्न-1 बांसवाड़ा को"सौ
द्वीपों का शहर" (City of 100 Islands) क्यों कहा जाता है?
उत्तर-
बांसवाड़ा
से होकर बहने वाली
माही
नदी
के
प्रवाह के कारण यहाँ अनगिनत छोटे-छोटे द्वीप (टापू) बन गए हैं। इनकी अधिकता के
कारण ही इसे 'सौ द्वीपों का शहर' कहा जाता है। मानसून
में इन टापुओं की हरियाली देखने लायक होती है।
प्रश्न-2 बांसवाड़ा घूमने का
सबसे अच्छा समय कौन सा है?
उत्तर-
बांसवाड़ा
घूमने का सबसे अच्छा समय जुलाई से अक्टूबर (मानसून)
और
नवंबर
से फरवरी (सर्दियों) के बीच है। मानसून के दौरान यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता अपने
चरम पर होती है और माही बांध के गेट खुलने का नजारा भी इसी समय देखने को मिलता है।
प्रश्न-3 क्या बांसवाड़ा में
कोई प्रसिद्ध मंदिर है?
उत्तर- हाँ, बांसवाड़ा में
त्रिपुरा
सुंदरी मंदिर
(माँ
तुर्तिया माता) सबसे प्रसिद्ध है। यह एक प्राचीन शक्तिपीठ है जहाँ दूर-दूर से
श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इसके अलावा यहाँ मदारेश्वर महादेव मंदिर भी काफी
लोकप्रिय है।
प्रश्न-4 उदयपुर से बांसवाड़ा
की दूरी कितनी है और कैसे पहुँचें?
उत्तर- उदयपुर से बांसवाड़ा
की दूरी लगभग
160
किलोमीटर
है।
आप बस या टैक्सी के जरिए 3-4
घंटे
में यहाँ पहुँच सकते हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा उदयपुर (डबोक) ही है।
प्रश्न-5 क्या बांसवाड़ा बच्चों
और परिवार के साथ घूमने के लिए सुरक्षित है?
उत्तर-
बिलकुल!
बांसवाड़ा एक बहुत ही शांत और सुरक्षित पर्यटन स्थल है। माही बजाज सागर बांध और
कागदी पिकअप वियर जैसी जगहों पर बने गार्डन बच्चों और पिकनिक मनाने वालों के लिए
बेहतरीन स्पॉट हैं।
प्रश्न-6 बांसवाड़ा को
राजस्थान का 'चेरापूंजी' क्यों कहते हैं?
उत्तर-
यहाँ
राजस्थान में सबसे अधिक वर्षा होती है और मानसून के दौरान यहाँ की हरियाली मेघालय
के चेरापूंजी जैसी दिखाई देती है।
प्रश्न-7
माही बजाज सागर बांध के कितने गेट हैं?
उत्तर-
माही
बांध में कुल 16
गेट
हैं। जब ये सभी गेट खुलते हैं, तो पानी का नजारा अद्भुत और रोमांचक होता
है।
प्रश्न-8
क्या बांसवाड़ा में कोई आदिवासी संस्कृति देखने को मिलती है?
उत्तर- हाँ, बांसवाड़ा मुख्य रूप
से भील जनजाति का क्षेत्र है। यहाँ की लोक कला, वेशभूषा और 'मानगढ़ धाम' आदिवासियों के बलिदान
की गौरवशाली गाथा कहता है।
प्रश्न-9
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर कहाँ स्थित है?
उत्तर-
यह
मंदिर बांसवाड़ा शहर से करीब 19 किलोमीटर दूर तलवाड़ा गांव में स्थित है।
प्रश्न-10
क्या बांसवाड़ा में रिवर राफ्टिंग या वॉटर स्पोर्ट्स उपलब्ध हैं?
उत्तर-
वर्तमान
में यहाँ कुछ निजी रिसॉर्ट्स और सरकारी पहल के तहत माही के बैकवाटर में बोटिंग और
एडवेंचर एक्टिविटीज शुरू की जा रही हैं।
प्रश्न-11
बांसवाड़ा का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा (Airport) कौन सा है?
उत्तर-
सबसे
नजदीकी हवाई अड्डा उदयपुर का महाराणा प्रताप हवाई अड्डा (डबोक) है, जो लगभग 160 किमी दूर है।
प्रश्न-12
क्या बांसवाड़ा में रेल सुविधा उपलब्ध है?
उत्तर-
वर्तमान
में बांसवाड़ा में कोई मुख्य रेलवे स्टेशन नहीं है। नजदीकी स्टेशन रतलाम (एमपी) या
उदयपुर है। (बांसवाड़ा-डूंगरपुर रेल लाइन अभी निर्माणाधीन है)।
प्रश्न-13
कागदी पिकअप वियर (Kagdi
Pickup) क्यों
प्रसिद्ध है?
उत्तर-
यह
शहर के पास ही स्थित एक खूबसूरत जलाशय है, जहाँ प्रवासी पक्षी
देखे जा सकते हैं और शाम के समय यहाँ का गार्डन घूमने के लिए बेस्ट है।
प्रश्न-14
मानगढ़ धाम का क्या महत्व है?
उत्तर-
इसे
'राजस्थान का
जलियांवाला बाग'
कहा
जाता है। यहाँ 1913
में
गोविंद गुरु के नेतृत्व में हजारों आदिवासियों ने ब्रिटिश सेना के खिलाफ बलिदान
दिया था।
प्रश्न-15
बांसवाड़ा के पास 'पाराहेड़ा' मंदिर क्यों जाना
चाहिए?
उत्तर-
पाराहेड़ा
भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर है, जिसे 12वीं शताब्दी में
मंडलीक द्वारा बनवाया गया था, इसकी वास्तुकला बहुत ही आकर्षक है।
प्रश्न-16
क्या बांसवाड़ा एक महंगा टूरिस्ट डेस्टिनेशन है?
उत्तर-
बिल्कुल
नहीं! यह एक बजट-फ्रेंडली जगह है जहाँ आप कम खर्च में शानदार प्राकृतिक नजारों का
आनंद ले सकते हैं।
प्रश्न-17
डायलाब झील (Dialab
Lake) में
क्या खास है?
उत्तर-
यह
झील कमल के फूलों से ढकी रहती है और इसके किनारे बना हनुमान मंदिर शांति और सुकून
देता है।
प्रश्न-18
सिंगपुरा (Singpura)
झील
क्यों चर्चा में है?
उत्तर-
यह
एक छोटा सा गांव है जहाँ की झील और आसपास की पहाड़ियाँ इसे एक परफेक्ट पिकनिक
स्पॉट बनाती हैं।
प्रश्न-19
बांसवाड़ा का प्रसिद्ध भोजन क्या है?
उत्तर-यहाँ का मक्का ढोकला, दाल-बाटी और स्थानीय
वागड़ी व्यंजन पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
प्रश्न-20
क्या मानसून के अलावा भी बांसवाड़ा घूमा जा सकता है?
उत्तर हाँ, सर्दियों (नवंबर से
फरवरी) में भी यहाँ का मौसम बहुत सुहावना होता है और ऐतिहासिक स्थलों को घूमने के
लिए यह समय सबसे अच्छा है।
अगर
आपको यह जानकारी अच्छी लगी,
तो
इसे अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो राजस्थान घूमने का प्लान बना रहे हैं।
क्या
आप पहले कभी बांसवाड़ा गए हैं? हमें कमेंट में जरूर बताएं!
बीकानेर की अनोखी मिठास ऊंटनी के दूध से बनी मिठाइयां, स्वाद और सेहत का अद्भुत संगम!



